काले कालं समायरे
समय पर समयोचित कार्य करना चाहिये
समय पर समयोचित कार्य करना चाहिये
तपविशेष तो प्रत्यक्ष दिखाई देता है, परन्तु कोई जातिविशेष नहीं दिखाई देता
इच्छाओं को रोकने से ही मोक्ष प्राप्त होता है
मिट्टी के सूखे गोले के समान विरक्त साधक कहीं भी चिपकता नहीं है
स्वयं सत्यान्वेषण करना चाहिये
जब तक शरीरभंग (मृत्यु) न हो तब तक गुणाकांक्षा रहनी चाहिये
विषयों की तो सभी प्राणी कामना करते रहते हैं; किंतु विवेकी व्यक्ति गुणों की कामना करते हैं| Continue reading “गुणाकांक्षा” »
आत्मसाधक ममत्व के बन्धन को तोड़ फेंके; जैसे महानाग कञ्चुक को उतार देता है
निश्चयपूर्वक कहा जा सकता है कि दुःख कामासक्ति से उत्प होता है
संसार की तृष्णा भयंकर फल देनेवाली एक भयंकर लता है
किये हुए को कृत और न किये हुए को अकृत कहना चाहिये