बालो पापेहिं मिज्जति
अज्ञ पापों पर घमण्ड करता है
अज्ञ पापों पर घमण्ड करता है
किसी के साथ वैर-विरोध मत करो
सूक्ष्म शल्य बड़ी कठिनाई से निकाला जा सकता है
अधिक समय तक एवं अमर्याद न बोलें
मुनि कभी मर्यादा से अधिक न हँसे
सन्मार्ग का तिरस्कार करके अल्प सुख (विषयसुख) के लिए अनन्त सुख (मोक्षसुख) का विनाश मत कीजिये
जो समय पर अपना काम कर लेते हैं, वे बाद में पछताते नहीं है
आस्रव को न जानने वाले संवर को कैसे जान सकते है?
विद्या और आचरण से ही मोक्ष बताया गया है
अपने किये कर्मों से ही व्यक्ति कष्ट पाता है