मोहं जंति नरा असंवुडा
असंवृत मनुष्य मोहित हो जाते हैं
असंवृत मनुष्य मोहित हो जाते हैं
ज्ञानहीन व्यक्ति क्या करेगा? वह पुण्य पाप को कैसे जानेगा?
आतंकदर्शी पाप नहीं करता
Sorry, this article is only available in English. Please, check back soon. Alternatively you can subscribe at the bottom of the page to recieve updates whenever we add a hindi version of this article.
क्रोध प्रीति का नाशक है
समझो! क्यों नहीं समझते मरने पर संबोध निश्चित रूप से दुर्लभ है
अनुशासन से क्रुद्ध नहीं होना चाहिये
लाभ होने पर घमण्ड में फूलना नहीं चाहिये और लाभ न होने पर शोक नहीं करना चाहिये