गुरु वही है, जो आत्मज्ञान द्वारा मोक्ष-साधन का पाठ पढ़ाता और आचरण कराता है
| Standard Screen | Widescreen | Mobile |
| 800×600 | 1280×720 | iPhone |
| 1024×768 | 1280×800 | iPad-Horizontal |
| 1400×1050 | 1440×900 | iPad-Vertical |
| 1600×1200 | 1920×1080 | |
| 1920×1200 | ||
| 2560×1440 | ||
| 2560×1600 |

स्त्री को साहित्य, विज्ञान और दर्शन जानने की उतनी आवश्यकता नहीं है, जितनी कि उसे सु-माता बनने की रीति जानने की| जिस जाति में सुमाताओं की संख्या अधिक है, वह जाति उतनी ही उत्तम और श्रेष्ठ है| मानव जीवन के निर्माण में माता का विशेष हाथ रहता है| मॉं का पुत्र पर क्या प्रभाव पड़ता है| यह जानना हो तो प्रसिद्ध महापुरुषों के जीवन चरित्र पढ़िये| Continue reading “प्रसव विज्ञान” »
अनन्त संसार में मूढ बहुशः लुप्त (नष्ट) होते हैं
प्राणियों से मैत्री करो
श्री अभिनंदन जिन स्तवन
राग : धन्यासिरि-सिंधुओ – “आज निहेजो रे दीसे नाईलो रे…’’ ए देशी
अभिनंदन जिन! दरिसण तरसीए,
दरिसण दुरलभ देव;
मत मत भेदे रे जो जई पूछीए,
सहु थापे अहमेव.
वैरी वैर करता है और तब उसी में रस लेता है