1 0
post icon

कौन हैं तीर्थंकर?

Sorry, this article is only available in English. Please, check back soon. Alternatively you can subscribe at the bottom of the page to recieve updates whenever we add a hindi version of this article.

Leave a Comment
post icon

तपस्या और जाति

तपस्या और जाति

सुक्खं खु दीसइ तवोविसेसो,
न दीसई जाइविसेस कोई

तपविशेष तो प्रत्यक्ष दिखाई देता है, परन्तु कोई जातिविशेष नहीं दिखाई देता

तपस्या से शरीर में जो कृशता पैदा हो जाती है, उसे देखने से पता चल जाता है कि अमुक व्यक्ति तपस्वी है या नहीं| तपस्या से तपस्वी का तन भले ही क्षीण हो; परन्तु मन क्षीण नहीं होता| Continue reading “तपस्या और जाति” »

Leave a Comment
post icon

Motivational Wallpaper #52

जैसा करोगे वैसा भरोगे इसमें भाग्य या भगवान का क्या दोष है?
कर्मानुसार फल मिलता है

Standard Screen Widescreen Mobile
800×600 1280×720 iPhone
1024×768 1280×800 iPad
1400×1050 1440×900
1600×1200 1920×1080  
  1920×1200  
  2560×1440  
  2560×1600  

Continue reading “Motivational Wallpaper #52” »

Leave a Comment
post icon

यह मेरा नहीं है…

यह मेरा नहीं है...

एक उत्पद्यते जन्तुरेक एव विपद्यते
यह शरीर मेरा नहीं है|

यह घर मेरा नहीं है|

संसार की कोई भी जड़ चेतन वस्तु मेरी नहीं है|

क्या है तेरा ? Continue reading “यह मेरा नहीं है…” »

Leave a Comment
post icon

भले की हो भावना

भले की हो भावना

शिवमस्तु सर्वजगतः
बहुत से याचक भीख मॉंगते वक्त बोलते हैं – दे उसका भी भला और न दे उसका भी भला! Continue reading “भले की हो भावना” »

Leave a Comment
post icon

Motivational Wallpaper #34

अपराधियों और अपना अहित करनेवालों का भी बुरा मत सोचो

Standard Screen Widescreen Mobile
800×600 1280×720 iPhone
1024×768 1280×800 iPad
1400×1050 1440×900
1600×1200 1920×1080  
  1920×1200  
  2560×1440  
  2560×1600  

Continue reading “Motivational Wallpaper #34” »

Leave a Comment
post icon

Description of Vinita

Sorry, this article is only available in English. Please, check back soon. Alternatively you can subscribe at the bottom of the page to recieve updates whenever we add a hindi version of this article.

Leave a Comment
post icon

लोभ और चंचलता

लोभ और चंचलता

लद्धो लोलो भणेज्ज अलियं

लोभी और चञ्चल व्यक्ति झूठ बोला करता है

जो वस्तु जैसी है, उसे वैसी न कहना अयथार्थ वचन है – झूठी बात है| झूठ कौन बोलता है ? इस प्रश्‍न का उत्तर देते हुए कहा गया है कि जो व्यक्ति लोभी होता है, वह अपनी तृष्णा तो तृप्त करने के लिए झूठ बोलता है| तृष्णा कभी तृप्त नहीं होती – यह एक वास्तविकता है; परन्तु लोभी इस वास्तविकता से अनभिज्ञ बना रह कर जीवनभर तृष्णा-तृप्ति का प्रयास करता ही रहता है| इस प्रयास में उसे कभी सफलता नहीं मिलती; फिर भी वह निरन्तर इसके लिए दौड़धूप करता ही रहता है और कदम कदम पर झूठ बोलने को तैयार रहता है| Continue reading “लोभ और चंचलता” »

Leave a Comment
post icon

झूठ बोलने लगता है

झूठ बोलने लगता है

लोभपत्ते लोभी समावइज्जा मोसं वयणाए

लोभ का प्रसंग आने पर लोभी झूठ बोलने लगता है

झूठ बोलने के अनेक कारण हैं – क्रोध, मान, माया आदि; परन्तु लोभ सबसे बड़ा कारण है| जो लोभी व्यक्ति है, वह साधारण – से लाभ के लिए भी बात-बात पर झूठ बोलने को तैयार हो जाता है| Continue reading “झूठ बोलने लगता है” »

Leave a Comment
post icon

सादि सान्त

सादि सान्त

सरीरं सादियं सनिधणं

शरीर सादि है और सान्त भी

इस जगत् के समस्त पदार्थ इन चार विभागों में विभाजित किये जा सकते हैं :-
1) अनादि अनन्त
2) अनादि सान्त
3) सादि अनन्त
4) सादि सान्त
Continue reading “सादि सान्त” »

Leave a Comment
Page 33 of 67« First...1020...3132333435...405060...Last »