Know Thyself, Recognise Thyself,
Be Immersed By Thyself & you will attain Godhood
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पाप करनेवाला अपने ही कर्मों से पीड़ित होता है
सम्यग्दर्शन के अभाव में ज्ञान प्राप्त नहीं होता और ज्ञान के अभाव में चारित्र-गुण प्राप्त नहीं होते
भाव : जैनो नी परिभाषाने अने साचा जैनत्वने समजावतु वर्णन
जैन कहो क्युं होवे, परमगुरु!
जैन कहो क्युं होवे
गुरु उपदेश बिना जन मूढा,
दर्शन जैन विगोवे.
सभी काम दुःखप्रद होते हैं
मन में कपट रखकर झूठ नहीं बोलना चाहिये
ऋषि सदा प्रसन्न रहते हैं

प्रश्न – बिना आग के कौन जलाती है ?
उत्तर – ईर्ष्या, तृष्णा, चिन्ता, कर्जदारी, नव-जवान कुंआरी लड़की, विधवा बहु-बेटी| Continue reading “सम्राट प्रजापल के प्रश्न” »