जो संविभागी नहीं है अर्थात् प्राप्त सामग्री को साथियों में बॉंटता नहीं है, उसकी मुक्ति नहीं होती
असंविभागी
समय को पहचानिये
खणं जाणाहि पंडिए
हे बुद्धिमान साधक! अवशिष्ट आयु को देखते हुए समय को पहचान-अवसर का मूल्य समझ
सच्ची शिक्षा
निरट्ठाणि उवज्जए
निरर्थक शिक्षा छोड़कर सार्थक शिक्षा ही ग्रहण करें
पूरण सुख शिवसद्मना
श्री श्रेयांश्नाथ जिन स्तवन
राग : परमातम पूरण कला…
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राग द्वेष के कारण
दोसस्स हेउं अमणुमाहु
मनोज्ञ शब्दादि राग के और अमनोज्ञ द्वेष के कारण कहे गये हैं
कोमल प्रशंसात्मक शब्द हमें अच्छे लगते हैं और कठोर निन्दात्मक शब्द बुरे| Continue reading “राग द्वेष के कारण” »
राग द्वेष का क्षय
एगंतसोक्खं समुवेइ मोक्खं
राग-द्वेष के क्षय से जीव एकान्तसुखस्वरूप मोक्ष को प्राप्त करता है
The Lord’s Marriage
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सद्गुण साधना
तरियव्वो गुणोदहिं
सद्गुण-साधना का कार्य भुजाओं से समुद्र तैरने के समान है

















