राग : माढ. मेरे गमका तराना
भाव : परनारी त्याग ने पापत्यागनी प्रेरणा
प्राणी सब चेतो, बात लो ए तो,
दिल विषे उतार;
तुम आतम तारी, सुख करनारी,
बात हमारी दिल विषे उतार.
पाप न करना, दु:खसे डरना,
हरना विषय कषाय;
परनारीको मात समजकर,
उससे लो दिल हटाय रे.

















