सुहुमे सल्ले दुरुद्धरे
सूक्ष्म शल्य बड़ी कठिनाई से निकाला जा सकता है
सूक्ष्म शल्य बड़ी कठिनाई से निकाला जा सकता है
अधिक समय तक एवं अमर्याद न बोलें
मुनि कभी मर्यादा से अधिक न हँसे
सन्मार्ग का तिरस्कार करके अल्प सुख (विषयसुख) के लिए अनन्त सुख (मोक्षसुख) का विनाश मत कीजिये
जो समय पर अपना काम कर लेते हैं, वे बाद में पछताते नहीं है