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Quote #9

Nearly all men can stand adversity, but if you want to test a man's character, give him power.
Abraham Lincoln
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एक मुज विनती निसुणोज़

Listen to एक मुज विनती निसुणोज़

श्री मुनिसुव्रत स्वामी जिन स्तवन

मुनिसुव्रत जिनराय,
एक मुज विनती निसुणोज़
आतमतत्त्व क्युं जाणुं जगद्गुरु,
एह विचार मुज कहीयो;
आतमतत्त्व जाण्या विण निरमल,
चित्तसमाधि नवि लहियो

…कुं.१

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हँसते हुए न बोलें

हँसते हुए न बोलें

न हासमाणो वि गिरं वएज्जा

हँसते हुए नहीं बोलना चाहिये

हँसते हुए बोलना अथवा बोलते हुए हँसना एक दुर्गुण है – कुटेव है – मूर्खता के अनेक लक्षणों में से एक लक्षण है| Continue reading “हँसते हुए न बोलें” »

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धर्म जिनेसर गाउं रंगशुं

Listen to धर्म जिनेसर गाउं रंगशुं

श्री धर्मनाथ जिन स्तवन

धर्म जिनेसर गाउं रंगशुं,
भंग न पडशो हो प्रीत जिनेश्वर;
दुजो मन मंदिर आणुं नहीं,
ए अम कुळवट रीत.

…जि. ध..१

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न बद्ध, न मुक्त

न बद्ध, न मुक्त

कुसले पुण नो बद्धे, नो मुत्ते

कुशल पुरुष न बद्ध होता है, न मुक्त

कुशल पुरुष का वर्णन यहॉं आलंकारिक भाषा में किया गया है| जो बद्ध है, वह मुक्त नहीं हो सकता और जो मुक्त है, वह बद्ध नहीं हो सकता | व्यक्ति या तो बद्ध होगा या फिर मुक्त| वह दोनों एक साथ नहीं हो सकता| Continue reading “न बद्ध, न मुक्त” »

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मोहग्रस्तता

मोहग्रस्तता

इत्थ मोहे पुणो पुणो सा,
नो हव्वाए नो पाराए

मोहग्रस्त व्यक्ति न इस पार रहते हैं, न उस पार

संसार क्षणभंगुर है| इसकी प्रत्येक वस्तु अस्थायी है- अस्थिर है; इसलिए विषयवासना की सामग्री भी ऐसी ही है; जिसके प्रति मुग्ध हो कर प्राणी इधर-उधर भटकते रहते हैं| Continue reading “मोहग्रस्तता” »

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खाने-पीने की मात्रा

खाने पीने की मात्रा

माइ असणपाणस्स

खाने-पीने की मात्रा के ज्ञाता बनो

जो मनुष्य स्वाद का गुलाम बन जाता है, उसे भोजन की मात्रा का ज्ञान नहीं रहता| वह अपने पेट पर दया नहीं करता और ठूँस-ठूँस कर खाता है| प्रकृति ऐसे व्यक्ति को बिल्कुल क्षमा नहीं करती| उसमें अजीर्ण पैदा कर देती है, जो समस्त बीमारियों का बीज है| Continue reading “खाने-पीने की मात्रा” »

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Motivational Wallpaper #59

‘पैसा नहीं है’ – यह समस्या नहीं है,
‘सही सोच नहीं है’ – यह समस्या है
पैसे को हम इस्तमाल करें,
न कि पैसा हमें इस्तेमाल करे

Standard Screen Widescreen
800×600 1280×720
1024×768 1280×800
1400×1050 1440×900
1600×1200 1920×1080  
  1920×1200  
  2560×1440  
  2560×1600  

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साहसी बालक

साहसी बालक

परोपकारः कर्त्तव्यः प्राणैरपि धनैरपि
कलकत्ता की एक सड़क पर घोड़ागाड़ी दौड़ी जा रही थी| इस घोड़ागाड़ी में एक स्त्री अपने बच्चे के पास बैठी हुई थी| अचानक घोड़ा बिदक गया| कोचवान छिटककर दूर जा गिरा| घोड़ागाड़ी में बैठी स्त्री सहायता के लिए चीख-पुकार मचाने लगी| Continue reading “साहसी बालक” »

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उच्च नीच गोत्र

उच्च नीच गोत्र

से असइं उच्चागोए, असइं नीआगोए,
नो हीणे नो इहरित्ते

यह जीव अनेक बार उच्च गोत्रमें और अनेक बार नीच गोत्र में जन्म ले चुका है; परन्तु इससे न कोई हीन होता है, न महान|

उच्च गोत्र में पैदा होने से व्यक्ति अपने को महान समझ बैठता है और नीच गोत्र में पैदा होने से अपने को हीन या तुच्छ समझने लगता है; परन्तु ये दोनों ही बातें भ्रमपूर्ण हैं, क्यों कि व्यक्ति अनेक बार उच्च नीच गोत्रों में जन्म ले चुका है| Continue reading “उच्च नीच गोत्र” »

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