गुरुजनों की अवहेलना करनेवाला कभी बन्धनमुक्त नहीं हो सकता|
परतन्त्रता बन्धन है, स्वतन्त्रता मुक्ति| सुख स्वतन्त्रता में ही रहता है, परतन्त्रता में नहीं| कहावत है कि पराधीन व्यक्ति स्वप्न में भी सुखी नहीं हो सकता| Continue reading “बन्धनमुक्त नहीं हो सकता” »
बिना पूछे किसी की कोई वस्तु उठा लेना और उसका उपयोग कर लेना चोरी का ही एक प्रकार है| कुछ लोग विनोद के लिए मित्र की वस्तु छिपा देते हैं और जब वह उसे परेशान होकर ढूँढने लगता है, तब हँसते हैं और वस्तु लौटा देते हैं| Continue reading “पूछ कर लीजिये” »