1 0 Archive | Audio RSS feed for this section
post icon
post icon

अवधू ! आज सुहागन नारी

Listen to अवधू ! आज सुहागन नारी

आज सुहागन नारी अवधू ! आज सुहागन नारी,
मेरे नाथ आप सुध लीनी कीनी निज अंगचारी.

…सुहा.१

Read the lyrics

Leave a Comment
post icon
post icon

निशदिन जोवुं वाटडी

Listen to निशदिन जोवुं वाटडी

निशदिन जोवुं वाटडी घर आवो रे ढोला,
मुज सरिखी तुज लाख हैमेरे तू ही ममोला.

…निशदिन.१

Read the lyrics

Leave a Comment
post icon

मनडुं हाथन आवे हो, पद्म प्रभ!

Listen to मनडुं हाथन आवे हो, पद्म प्रभ!

श्री पद्मप्रभु जिन स्तवन
राग : मनडुं किम हि न बाजे हो कुंथुजिन…
Continue reading “मनडुं हाथन आवे हो, पद्म प्रभ!” »

Leave a Comment
post icon

शील सुरंगीरे सुलसा महासती

Listen to शील सुरंगीरे सुलसा महासती

राग : अरणीक मुनिवर चाल्या गोचरी
भाव : सुलसा महासतीना समकित-समता शील नी सुगंध

शील सुरंगीरे सुलसा महासती,
वर समकित गुण धारीजी;
राजगृही पूरे नाग रथिक तणी,
सुलसा नामे नारीजी.

…शी.१

Read the lyrics

Leave a Comment
post icon

हो अविनाशी

Listen to हो अविनाशी

श्री पद्मप्रभु जिन स्तवन
राग : सुण चंदाजी…
Continue reading “हो अविनाशी” »

Leave a Comment
post icon

अभिनंदन जिन! दरिसण तरसीए

Listen to अभिनंदन जिन! दरिसण तरसीए

श्री अभिनंदन जिन स्तवन
राग : धन्यासिरि-सिंधुओ – “आज निहेजो रे दीसे नाईलो रे…’’ ए देशी

अभिनंदन जिन! दरिसण तरसीए,
दरिसण दुरलभ देव;
मत मत भेदे रे जो जई पूछीए,
सहु थापे अहमेव.

…अभिनंदन.१

Read the lyrics

Leave a Comment
post icon

देखण दे रे, सखी!

Listen to देखण दे रे, सखी!

श्री चंद्रप्रभ जिन स्तवन
राग : केदारो तथा गोडी – ‘‘कुमारी रोवे, आक्रंद करे, मु कोई मुकावे…’’ ए देशी

देखण दे रे, सखी!
मुने देखण दे, चंद्रप्रभ मुखचंद,
उपशमरसनो कंद, सखी.
गत कलि-मल-दु:खदंद..

…सखी.१

Read the lyrics

Leave a Comment
post icon

क्या सोवे उठ जाग बाउ रे

Listen to क्या सोवे उठ जाग बाउ रे

क्या सोवे उठ जाग बाउ रे,
अंजलि जल ज्युं आयु घटत है
देत पहोरिया घरिय घाउ रे…
क्या सोवे उठ जाग बाउ रे

…१

Read the lyrics

Leave a Comment
Page 2 of 712345...Last »