Sorry, this article is only available in English. Please, check back soon. Alternatively you can subscribe at the bottom of the page to recieve updates whenever we add a hindi version of this article.
दृढ संकल्प का चमत्कार

आत्मा में अपार शक्ति और अतुल बल है| इसका विकास और उपयोग करना भी एक कला है| इसका साधन है इच्छाशक्ति और दृढ़ संकल्प|
यदि आप विश्वविख्यात मानव, लोकप्रिय नेता, प्रकाण्ड विद्वान और श्रीमंत बनना चाहते हैं, तो अपनी इच्छाशक्ति और दृढ़ संकल्प को ठोस बनाएं| वर्ष में आठ हजार, छ: सौ चालीस घण्टे होते हैं| Continue reading “दृढ संकल्प का चमत्कार” »
Flying kites is dangerous
Sorry, this article is only available in English. Please, check back soon. Alternatively you can subscribe at the bottom of the page to recieve updates whenever we add a hindi version of this article.
Description of Airavana
Sorry, this article is only available in English. Please, check back soon. Alternatively you can subscribe at the bottom of the page to recieve updates whenever we add a hindi version of this article.
वैर-विरोध मत कीजिये
किसी के साथ वैर-विरोध मत करो
प्राणी सब चेतो
राग : माढ. मेरे गमका तराना
भाव : परनारी त्याग ने पापत्यागनी प्रेरणा
प्राणी सब चेतो, बात लो ए तो,
दिल विषे उतार;
तुम आतम तारी, सुख करनारी,
बात हमारी दिल विषे उतार.
पाप न करना, दु:खसे डरना,
हरना विषय कषाय;
परनारीको मात समजकर,
उससे लो दिल हटाय रे.
क्षमा-याचना – आत्मा की शुद्धिकरण

पॉंच कर्तव्यों में मुख्य कर्तव्य है ‘‘क्षमा’’| और ग्यारह कर्तव्यों में मुख्य कर्तव्य है ‘आलोचना शुद्धि द्वारा आत्मशुद्धि’| ‘‘जीवोको माफ कर दो और आत्मा को साफ कर दो|’’ यह ही पर्वाधिराज पर्युषण का सूत्र है| इसलिए हम कमसे कम इन पर्वदिनों तक भी अपने मन के अहंकार को दूर किनार करके सालभरमें जिनके भी साथ कटु प्रसंग बने हैं उन सभी व्यक्ति के प्रति क्षमा-याचना करके ‘‘मिच्छामि दुक्कडम्’’ का कर्णमधुर हृदयस्पर्शी झंकार सुनाए तो उन को जो शाता और प्रसन्नता की अनुभूति होगी, उससे पुण्य का लाभ तो होगा ही किन्तु साथ साथ हमें भी ‘‘हम इतने तो सज्जन हुए’’ ऐसी भावना अपूर्व तुष्टि देने में निमित्त बनेगी| जी हलका होगा, मन उदार होगा और मुक्त मन के आनंद की अनुभूति होगी| ख्याल रखना ! अहम् और इस आनंद की बिलकुल नहीं पटती| हॉं! आनंद की किंमत ही है अहंत्याग… अभिमान का विसर्जन| Continue reading “क्षमा-याचना – आत्मा की शुद्धिकरण” »
शस्त्र या अशस्त्र ?
नत्थि असत्थं परेण परं||
शस्त्र एक से एक बढ़कर हैं, परन्तु अशस्त्र (अहिंसा) एक से एक बढ़कर नहीं है
साहस – जीवन का मूल गुण

जीवन एक युद्ध है, और उसमें विजयी बनने के लिए साहस एक अमोघ अस्त्र है| दुर्बल और भीरु मानव कभी भी प्रगति के द्वार नहीं छू सकता| जीवन की उन्नति, प्रगति और उच्चतम विकास के लिए साहस मूल आधार है| Continue reading “साहस – जीवन का मूल गुण” »













