लाइफ स्टाइलअखरोट का पौधा
शाश्वतसुख के स्वामी

हे विश्वेश्वर!
हे परमात्मा !
हे देवाधिदेव !
हे त्रिलोकनाथ !
हे विश्वकल्याणकर्ता विश्वोद्धारक! Continue reading “शाश्वतसुख के स्वामी” »
उर्जा बचाओ…देश बचाओ…
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जैन साधु के विशिष्ट नियम
१) भयंकर गर्मी की ऋतु में प्यास लगने पर भी रात्रि में पानी नहीं पीते|
२) वे काष्ट, लकड़ी, मिट्टी के पात्र ही उपयोग में लेते हैं| स्टील या अन्य धातु के बर्तन काम में नहीं लेते|
३) वे चार महीने तक, वर्षावास में एक स्थान पर स्थिर रहते हैं और शेष समय जिनाज्ञा अनुसार परिभ्रमण करते हैं| Continue reading “जैन साधु के विशिष्ट नियम” »
Serve your parents
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मुक्त मन से दो
इसके लिए हम इतने पुण्यशाली बनें कि जो मेरे पास है वह मैं दूसरों को उदारता से दूँ| सृष्टि का एक नियम है जो दिया जाता है वही लौटता है जो हम दे सकते हैं उसे ईानदारी से देते रहना चाहिए|
जीवन में जिसने बॉंटा उसी ने पाया और जिसने संभाला उसी ने गँवाया अतः जब देना ही है तो शत्रु हो या मित्र सभी को समान रूप से दो| कितना भी दे दोगे तो भी खजाने में कुछ कमी नहीं आएगी|
शीशा
ईश्वर ने हमें केवल एक चेहरा दिया है और दूसरा हम स्वयं बना लेते हैं
जीने की विधि
Don’t judge a book by its cover
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आदत क्यों नहीं छूटती?

हमारा यह पूरा जीवन मात्र आदतों के प्रभाव और दबाव से चल रहा है| हम भोजन, स्नान, पढ़ना, सोना, जागना, दैनिक क्रियाएं करना आदि सब आदत से करते हैं…| Continue reading “आदत क्यों नहीं छूटती?” »













