
किसी को रुपवान शरीर होता है,
किसी को कुरुप शरीर होता हैं, Continue reading “नाम कर्म” »
लाइफ स्टाइल
किसी को रुपवान शरीर होता है,
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जीवन को वैसा ही मत छोड़ो जैसा तुने पाया था| जीवन को कुछ सुंदर करो| उठाओ तूलिका, जीवन को थोड़े रंग दो| उठाओ वीणा, जीवन को थोड़े स्वर दो| पैरों में बांधों घूंघर, जीवन को थोड़ा नृत्य दो| प्रे दो, प्रीति दो! तोड़ो उदासी| जीवन को थोड़ा उत्सव से भरो| Continue reading “जीवन को थोड़े रंग दो” »

प्रार्थना का मार्ग समर्पण का मार्ग है| प्रार्थना याचना नहीं अर्पणा है| जिससे हृदय के द्वार स्वयमेव खुलते हैं| सूरज का उदय हो और फूल न खिलें तो समझना कि वह फूल नहीं पत्थर है… परमात्मा की प्रार्थना हो और हमारा हृदय न खिले तो जानना चाहिए वह हृदय नहीं पत्थर है| प्रार्थना में जब मॉंग आती है तो भक्त उपासक न रहकर याचक बन जाता है| प्रार्थना एक निष्काम कर्म है| जब भक्त तन्मय होकर प्रार्थना में लग जाता है तो उसकी सारी इच्छाएं स्वतः समाप्त हो जाती है| एक भक्त की सच्ची प्रार्थना इस प्रकार होनी चाहिए…|
करो रक्षा विपत्ति से न ऐसी प्रार्थना मेरी|
विपत्ति से भय नहीं खाऊँ प्रभु ये प्रार्थना मेरी॥
मिले दुःख ताप से शान्ति न ऐसी प्रार्थना मेरी|
सभी दुःखों पर विजय पाऊँ, प्रभु ये प्रार्थना मेरी॥
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जीवन एक युद्ध है, और उसमें विजयी बनने के लिए साहस एक अमोघ अस्त्र है| दुर्बल और भीरु मानव कभी भी प्रगति के द्वार नहीं छू सकता| जीवन की उन्नति, प्रगति और उच्चतम विकास के लिए साहस मूल आधार है| Continue reading “साहस – जीवन का मूल गुण” »

पवन के पिता जी बड़े परेशान थे| कुछ दिनों से पवन बुरी संगत में पड़ गया था| अंत में उन्हें एक युक्ति सूझी| वे बाजार से कुछ आम खरीद कर लाए| सब आम तो पके हुए और बढ़िया थे, पर एक आम काफी सड़ा हुआ था| Continue reading “बुरी संगत” »