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हां रे हुं तो मोह्यो रे लाल

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श्री संभवनाथ जिन स्तवन

हां रे हुं तो मोह्यो रे लाल,
जिन मुखडाने मटके;
जिन मुखडाने मटके वारी जाउं,
प्रभु मुखडाने मटके.

…हांरे. १

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शामळीयो त्यागीने हुं तो रागी

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श्री नेमिनाथ जिन स्तवन
राग : श्याम तेरी बंसी…

शामळीयो त्यागीने हुं तो रागी,
संयम शुं रढ मने लागीरे लागी हो व्हाला..
ओ.. व्हाला रे मारा नेम नगीना निरागी,
व्हाला रे मारा सुंदर श्याम सौभागी
संयम लीये हुआ रे वडभागी.

…संयम.१

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तारा मुखडा उपर जाउं वारी

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(राग : ओली चंदनबाळाने बारणे)
भाव : चंदनबाळा नी प्रभुवीर प्रत्येनी शुभ भावना

बतारा मुखडा उपर जाउं वारी रे,
वीर मारां मन मान्या, तारा दर्शननी बलिहारी रे वीर,
मुठी बाकुळा माटे आव्या रे; मने हेत धरी बोलाव्या रे.

…वीर.१

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अवधू! क्या सोवे तन मठमें

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अवधू ! क्या सोवे तन मठमें?
जग आशा जंजीर की गति उलटी कुल मोर,
झकर्यो धावत जगतमें रहे छूटो इक ठोर ॥
अवधू ! क्या सोवे तन मठमें?
जाग विलोकन घटमें, Read the lyrics

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देखो एक अपूरव खेला

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देखो एक अपूरव खेला,
आपही बाजी आपही बाजीगर
आप गुरु आप चेले

…देखो.१

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साधो भाई ! समता रंग रमीजे

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साधो भाई ! समता रंग रमीजे,
अवधू ! ममता संग न कीजे,
साधो भाई ! समता रंग रमीजे.
संपत्ति नाहि नाहि ममता में रमता राम समेटे,
खाट पाट तजी लाख खटाउ अंत खाख में लेटे.

…साधो.1

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मेरी तुं मेरी तुं कांही डरेर

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मेरी तुं मेरी तुं कांही डरेर, मेर
कहे चेतन समता सुनि आखर, और दैढ दिन जूठ लरेरी.

…मेरी.१

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बनी मिट्टी की सब बाजी

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राग : गझल
भाव : आत्मा एक सोनुं बाकी बधु माटी… माटे आत्मा दशानी शोधनो संदेश

बनी मिट्टीकी सब बाजी, उसीमें होत क्यों राजी
मिट्टी का है शरीर तेरा, मिट्टीका कपडा पहेरा;
मिट्टी का म्हेल रहा छाजी, उसीमें होत क्यों राजी.

…बनी. १

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पंथडो निहाळुं रे

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श्री अजितनाथ जिन स्तवन
राग : आशावरी – ‘‘मारुं मन मोह्युं रे श्री सिद्धाचले रे…’’ ए देशी
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