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तेरी हुं तेरी हुं कहुं री

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तेरी हुं तेरी हुं कहुं री,
इन बातमें दगो तुं जाने
तो करवत काशी जाय ग्रहुं री.

…तेरी.१

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सांभळजो तुमे अद्भुत वातो

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भाव : ३ वर्षना बालमुनि वज्रस्वामी ने एमना जीवन नी अद्भुत कहानी

सांभळजो तुमे अद्भुत वातो,
वयर कुंवर मुनिवरनी रे;
षट् महिनाना गुरु झोळीमां,
आवे केलि करंता रे,
त्रण वरसना साधवी मुखथी,
अंग अगीयार भणंता रे.

…सां.१

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भगवान पार्श्वनाथ – मोरा पासजी हो लाल

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श्री पार्श्वनाथ जिन स्तवन
(राग : राता जेवा फुलडाने)
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तारो मोहे स्वामी

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श्री अभिनंदन जिन स्तवन
राग : बागेश्‍चरी
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जाग तुं जाग तुं आतमा माहरा

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श्री ऋषभदेव (आदिनाथ) जिन स्तवन
राग : प्रभातीयु
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मूलडो थोडो भाई व्याजडो घणोरे

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रातडी रमीने अहियांथी आविया ॥ए देशी॥
मूलडो थोडो भाई व्याजडो घणोरे,
केम करी दीधोरे जाय?
तलपद पूंजी में आपी सघलीरे,
तोहे व्याज पूरुं नवि थाय

…मूलडो.१

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क्यारे मुने मिलश्ये

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क्यारे मुने मिलश्ये माहरो संत सनेही?
क्यारे मुने मिलश्ये माहरो संत सनेही?
संत सनेही सुरीजन पाखे राखे न धीरज देही
क्यारे मुने मिलश्ये माहरो संत सनेही?

…क्यारे.१

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अवधू! क्या मागुं गुनहीना

Listen to अवधू! क्या मागुं गुनहीना

अवधू! क्या मागुं गुनहीना?
वे गुनगनन प्रवीना,
अवधू! क्या मागुं गुनहीना?
गाय न जानुं बजाय न जानुं न जानुं सुरभेवा,
रीझ न जानुं रीझाय न जानुं न जानुं पदसेवा.

…क्या.१

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एक मुज विनती निसुणोज़

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श्री मुनिसुव्रत स्वामी जिन स्तवन

मुनिसुव्रत जिनराय,
एक मुज विनती निसुणोज़
आतमतत्त्व क्युं जाणुं जगद्गुरु,
एह विचार मुज कहीयो;
आतमतत्त्व जाण्या विण निरमल,
चित्तसमाधि नवि लहियो

…कुं.१

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