ण भाइयव्वं, भीतं खु भया अइंति लहुयं
डरना नहीं चाहिये| भीत के निकट भय शीघ्र आते हैं
डरना नहीं चाहिये| भीत के निकट भय शीघ्र आते हैं
क्रुद्धा लुब्ध और मुग्ध हिंसा करते हैं
प्राणवध चण्ड है, रौद्र है, क्षुद्र है, अनार्य है, करुणारहित है, क्रूर है, भयंकर है