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प्रशंसा हो या निंदा, सत्कर्म करते रहो

प्रशंसा हो या निंदा, सत्कर्म करते रहो

न प्रहृष्येत्प्रियं प्राप्य नोद्विजेत् प्राप्य चाप्रियम्
एक दिन एक संत अपने शिष्य को लेकर कहीं जा रहे थे| वह रास्ता बाजार से होकर निकलता था| दोनों ओर तरह-तरह की दुकानें लगी थी| Continue reading “प्रशंसा हो या निंदा, सत्कर्म करते रहो” »

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यह पुण्य से मिला है

यह पुण्य से मिला है

शुभानुबन्ध्यतः पुण्यं कर्त्तव्यं सर्वथा नरैः
उत्तम कुल में जन्म पुण्य से मिला है|

उत्तम मां-बाप पुण्य से मिले हैं|

मानव का देह पुण्य से मिला है| Continue reading “यह पुण्य से मिला है” »

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मेरा सिद्धान्त

मेरा सिद्धान्त

एगो मे सासओ अप्पा नाणदंसणसंजुओ
सुख धर्म से मिलता है|

दुःख पाप से मिलता है| Continue reading “मेरा सिद्धान्त” »

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साहसी बालक

साहसी बालक

परोपकारः कर्त्तव्यः प्राणैरपि धनैरपि
कलकत्ता की एक सड़क पर घोड़ागाड़ी दौड़ी जा रही थी| इस घोड़ागाड़ी में एक स्त्री अपने बच्चे के पास बैठी हुई थी| अचानक घोड़ा बिदक गया| कोचवान छिटककर दूर जा गिरा| घोड़ागाड़ी में बैठी स्त्री सहायता के लिए चीख-पुकार मचाने लगी| Continue reading “साहसी बालक” »

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डिट्टा का भाग्य

डिट्टा का भाग्य
एक गॉंव में एक आदमी रहता था| उसे लोग डिट्टा कहकर बुलाते थे| वह कुछ भी पढ़ा लिखा नहीं था, इसलिए बेकार था| Continue reading “डिट्टा का भाग्य” »

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अनमोल शिक्षा

अनमोल शिक्षा

नो हीलए नो वि य खिंसएज्जा
जीवन का सच्चा पथ यही है कि जिस पर चलते हुए पथिक आलोक, अमृत और आनन्द को प्राप्त कर सकें…इस जीवन में जो हमें प्राप्त नहीं है उसके लिए आज तक हम रोते रहे हैं…शिकायतें करते रहे हैं| Continue reading “अनमोल शिक्षा” »

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पुष्प समान जीवन मिले

पुष्प समान जीवन मिले
गुरुजनों का प्रदेश… अर्थात गुर्जर देश… पिया के घर जाती हुई एक नयी नवेली दुल्हन ने… गरवी गुजरात के राष्ट्रसंत श्री रविशंकर महाराज से चरण स्पर्श कर आशिष मॉंगा…| Continue reading “पुष्प समान जीवन मिले” »

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आनंद की साधना

आनंद की साधना

आज्ञा तु निर्मलं चित्तं कर्त्तव्यं स्फटिकोपमम्
एक व्यक्ति ने एक अबोध शिशु को घास पर खेलते देखा| वह बहुत आनंदित था| Continue reading “आनंद की साधना” »

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समय का सदुपयोग

समय का सदुपयोग

कालेण काले विहरेज्जा
जो क्षण बीत गया है उसकी चिन्ता मत करो और जो समय हाथ में है उसका जागृति पूर्वक सदुपयोग कर लो| Continue reading “समय का सदुपयोग” »

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ज्ञान की रोशनी

ज्ञान की रोशनी

नमो नमो नाणदिवायरस्स
ज्ञान की रोशनी में मेरा जीवन-पथ आलोकित हो…ज्ञान को रोशनी से मार्ग के कॉंटें दृष्टिगोचर हो…मुझे अब भीतर जाना है| Continue reading “ज्ञान की रोशनी” »

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