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मोह से तेरा कमाया

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राग : एशके सामान सब एक दिन यहां रह जायेंगे
भाव : दुन्यवी चीजनी नश्‍वरता, आवता जन्मनी चिंता

मोहनो त्याग ने धर्मनो राग
मोह से तेरा कमाया, धन यहां रह जायगा;
प्रेमसे अति पुष्ट कीया, तन जलाया जायगा.
प्रभुभजनकी भावना बीन, परलोकमें क्या पायेगा
कुच्छ कमाइ यहां न कीनी, खाली हाथे जायेगा.

…मोहसे.१

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तारा मुखडा उपर जाउं वारी

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(राग : ओली चंदनबाळाने बारणे)
भाव : चंदनबाळा नी प्रभुवीर प्रत्येनी शुभ भावना

बतारा मुखडा उपर जाउं वारी रे,
वीर मारां मन मान्या, तारा दर्शननी बलिहारी रे वीर,
मुठी बाकुळा माटे आव्या रे; मने हेत धरी बोलाव्या रे.

…वीर.१

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बनी मिट्टी की सब बाजी

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राग : गझल
भाव : आत्मा एक सोनुं बाकी बधु माटी… माटे आत्मा दशानी शोधनो संदेश

बनी मिट्टीकी सब बाजी, उसीमें होत क्यों राजी
मिट्टी का है शरीर तेरा, मिट्टीका कपडा पहेरा;
मिट्टी का म्हेल रहा छाजी, उसीमें होत क्यों राजी.

…बनी. १

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प्रणमुं तुमारा पाय

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भाव : मन… चंचलता मननी निर्मलता मननी निश्‍चलता
प्रसन्नचंद्रनी ७मी नरक अनुत्तर विमान.. ने केवलज्ञाननी साधना

प्रणमुं तुमारा पाय,
प्रसन्नचंद्र प्रणमुं तुमारा पाय;
तुमे छो मोटा ऋषिराय…

राज छोडी रळीयामणुं रे, जाणी अथीर संसार,
vवैरागे मन वाळीयुं रे, लीधो संयम भार

…प्रसन्न 01

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मत बन विषय विलासी रे मनवा

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राग : कित गुण भयो है उदासी बिहाग
भाव : विषय विलास = आत्म विनाश एना त्यागनी पावन प्रेरणा

मत बन विषय विलासी रे मनवा,
ए जबरी जग फांसी. रे मनवा.
हतस्त हरिण मच्छ भ्रमर पतंग,
एक एक विषयना आशी.

…रे म.१

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जनक सुता हुं नाम

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भाव : महासती सीतानो रावणने पडकार ने शील दृढता

जनक सुता हुं नाम धरावुं,
राम छे अंतर जामी;
पालव मारो मेलोने पापी,
कुळने लागे छे खामी.
अडशो मांजो, मांजो मांजो मांजो मांजो अडशो,
म्हारो नावलीयो दुहवाय,
मने संग केनो न सुहाय;
म्हारुं मन मांहेथी अकळाय.

…अ.१

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नाथ कहे तुं सुणने नारी

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भाव : नारी ने नारायणी बनावती हितशिक्षा

नाथ कहे तुं सुणने नारी, शिखामण छे सारी जी;
वचन ते सघळां वीणी लेशे, तेहना कारज सरशे, शाणी थइए ज.

…1

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