1 0 Archive | श्रीपाल रास RSS feed for this section
post icon

अशिक्षित महिला सदा पति के हृदय में खटकती है

अशिक्षित महिला सदा पति के हृदय में खटकती है
मदनसेना ! पुरुष हृदय किसी बात से उतना अप्रसन्न, दु:खी नहीं होता, जितना कि अशिक्षित स्त्री के व्यवहार से| वह चाहता है कि स्त्री कपड़े-वस्त्र-अलंकार ठीक तरह से पहने| समय समय पर हंसना, बोलना जाने| घर की प्रत्येक वस्तु साफ-स्वच्छ सजा कर रखे| आवश्यक वस्तुओं को यथास्थान व्यवस्थित ढंग से रखे, ताकि समय पर इधर-उधर दौड़धूप न करना पड़े| झगड़ालू न हो| Continue reading “अशिक्षित महिला सदा पति के हृदय में खटकती है” »

Leave a Comment
post icon

दाम्पत्य जीवन

दाम्पत्य जीवन
अगर कहा जाय कि सांसारिक सुख का आधा भाग दाम्पत्य सुख है और आधे में बाकि सब, तो यह अतिशयोक्ति न होगी| Continue reading “दाम्पत्य जीवन” »

Leave a Comment
post icon

सदा हंसमुख रह कर मधुर बोलो

सदा हंसमुख रह कर मधुर बोलो
जीवन में सुखी होने का महत्त्वपूर्ण एक सरल उपाय है, सदा हँसमुख रहकर मधुर भाषण करना| मुस्कराहट एक जादू मोहिनी मंत्र है| सुन्दर वस्त्राभूषण की अपेक्षा हँसमुख सूरत विशेष आकर्षक है| हँसमुखी प्रसन्न महिला दूसरों का नहीं, स्वयं अपना ही भला करती है| इससे सदा मन हलका रहता है और स्वास्थ्य पर बुरा असर नहीं पड़ता| Continue reading “सदा हंसमुख रह कर मधुर बोलो” »

Leave a Comment
post icon

आरंभ से बच्चों में संस्कार डालें

आरंभ से बच्चों में संस्कार डालें
1. शरीर और वस्त्रों की सफाई का पूरा ध्यान रखना|

2. भोजन से पहले और बाद में मुँह हाथ साफ करना|

3. पेट, दांतों, बालों तथा हाथों को सदा साफ रखना| Continue reading “आरंभ से बच्चों में संस्कार डालें” »

Leave a Comment
Page 3 of 3123