
जीवन में सुखी होने का महत्त्वपूर्ण एक सरल उपाय है, सदा हँसमुख रहकर मधुर भाषण करना| मुस्कराहट एक जादू मोहिनी मंत्र है| सुन्दर वस्त्राभूषण की अपेक्षा हँसमुख सूरत विशेष आकर्षक है| हँसमुखी प्रसन्न महिला दूसरों का नहीं, स्वयं अपना ही भला करती है| इससे सदा मन हलका रहता है और स्वास्थ्य पर बुरा असर नहीं पड़ता| Continue reading “सदा हंसमुख रह कर मधुर बोलो” »
सदा हंसमुख रह कर मधुर बोलो
आरंभ से बच्चों में संस्कार डालें

1. शरीर और वस्त्रों की सफाई का पूरा ध्यान रखना|
2. भोजन से पहले और बाद में मुँह हाथ साफ करना|
3. पेट, दांतों, बालों तथा हाथों को सदा साफ रखना| Continue reading “आरंभ से बच्चों में संस्कार डालें” »
64 कला
1. ध्यान, प्राणायाम, आसन आदि की विधि
2. हाथी, घोड़ा, रथ आदि चलाना
3. मिट्टी और कांच के बर्तनों को साफ रखना
4. लकड़ी के सामान पर रंग-रोगन सफाई करना
5. धातु के बर्तनों को साफ करना और उन पर पालिश करना
6. चित्र बनाना
7. तालाब, बावड़ी, कमान आदि बनाना Continue reading “64 कला” »
सम्राट प्रजापल के प्रश्न

प्रश्न – बिना आग के कौन जलाती है ?
उत्तर – ईर्ष्या, तृष्णा, चिन्ता, कर्जदारी, नव-जवान कुंआरी लड़की, विधवा बहु-बेटी| Continue reading “सम्राट प्रजापल के प्रश्न” »
मां की, बेटी को सीख

रानी ने कहा, मदनसेना ! दाम्पत्य जीवन की दिव्यता-शोभा तभी है, जब कि पति-पत्नी सत्ता का मोह छोड़कर परस्पर सेवाभाव, त्यागवृत्ति को अपनाए| अब तुम पराये घर जा रही हो| ससुराल में देव, गुरु, धर्म, स्वधर्मी बन्धु, देवर जेठ नणंद-भोजाई, सास-ससुर, दीन-दु:खी, रोगी और अपने अड़ोस-पड़ोस की सेवा का सारा भार तुम्हारें पर है| इसे ठीक तरह से निभाना| Continue reading “मां की, बेटी को सीख” »
दैनिक-चर्या का प्रभाव

हम बच्चों को अपने अनुशासन में रखना चाहते हैं, तो हमें भी अपने दैनिक कार्यक्रम व्यवस्थित और यथा समय करना आवश्यक है| आपके नियमित आचरण से बच्चों को सुन्दर प्रेरणा मिलती है| Continue reading “दैनिक-चर्या का प्रभाव” »
सफलता का गुप्त मंत्र

मैं महान हूँ, अब तक मैं बाह्य जड़ पदार्थो में लुभाकर सुख की खोज करता रहा किन्तु कहीं शान्ति न मिली, वास्तव में सुख है आत्मा में| सम्पूर्ण सुखों का केन्द्र है आत्मा| मैं प्रेमी हूँ, प्रेम ही मेरा जीवन है, मैं प्राणी मात्र की सेवा का प्रेमी हूँ| मैं सुखी हूँ| सफलता मेरे दाये बांये चलती है| Continue reading “सफलता का गुप्त मंत्र” »
अपने धड़कते दिल से पूछो

जिंदगी थोड़ी है, समय उससे भी कम| जैसे जैसे समय बीतता है, वैसे वैसे हम मृत्यु के निकट पहुँचते जाते हैं| आँखे खोल कर श्मशान की तरफ जाते हुए मुरदों की तरफ देखो और सोचो कि एक दिन हमारी भी यही हालत होगी| फिर क्यों न हम अनंत भव भटकने के बाद प्राप्त अति दुर्लभ अनमोल मानव भव को सफल बना ले| Continue reading “अपने धड़कते दिल से पूछो” »
परिवार की दृष्टि से न गिरो

कई बेसमझ अज्ञान महिलाएँ अपने भर्तार और घर की आय-व्यय का विचार न कर, वे विशेष वस्त्रालंकार श्रृंगार की वस्तुओं के लिये मरती हैं, कलह कर बैठती हैं| इसी मनमुटाव के कारण वे शनै: शनै: अपने परिवार और समाज की दृष्टि से गिर जाती हैं| Continue reading “परिवार की दृष्टि से न गिरो” »
श्रीफल का महत्त्व
प्रिय जमाई आप रखना, मन को सदा गहरा भरा










