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फफूंदी/फूलन/फूग की रक्षा करो

फफूंदी/फूलन/फूग की रक्षा करो
1. खाद्य पदार्थों को चुस्त (टाईट) ढक्कन वाले साधन में बंद करके रखिए|

2. फुग उत्पन्न हो ऐसे पदार्थो को नमी के वातावरण में मत रखिए| डिब्बे में से कोई वस्तु लेते समय हाथ जरा भी गीले न हों, इसका ध्यान रखिए|
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जयणा की जडीबूटियॉं

जयणा की जडीबूटियॉं
1) मोर के पंख :- मोर के पंख को रखने से या हिलाने से सॉंप तथा छिपकली भाग जाती है|

2) काली मिर्च :- केसर की डब्बी में काली मिर्च के दाने डालने से नमी के कारण उसमें होनेवाली जीवोत्पत्ति रुक जाती हैं|

3) डामर की गोली :- कपडें, पुस्तकों की बैग, अलमारी वगैरह में डामर की गोली रखने से जीवों की उत्पत्ति नहीं होती|

4) पारा :- अनाज में पारे की गोली डालने से अनाज सड़ता नहीं तथा जीवोत्पत्ति होती नहीं| Continue reading “जयणा की जडीबूटियॉं” »

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जयणा के उपकरण

जयणा के उपकरण
1) गलना :- पानी छानने हेतु सुयोग्य कपड़ा|

2) सावरणी :- घर का कचरा निकालने के लिए मुलायम स्पर्शवाली सावरणी (झाडु या झाड़नी)|

3) पूंजनी :- खास प्रकार की सुकोमल घास से बनाई हुई मुलायम स्पर्शवाली छोटी पींछी| Continue reading “जयणा के उपकरण” »

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पानी के त्रस जीवों की रक्षा करो

पानी के त्रस जीवों की रक्षा करो
निम्नलिखित विशेष सावधानियॉं बरतें :-

1. हर कार्य में पानी का छानकर ही उपयोग करें|

2. पानी छानने के बाद गलने को वैसे ही न सूखाएँ, लेकिन छाने हुये पानी को खूब धीरे से गलने पर डाले तथा उस पानी को उसके मूल स्थान पर बहा दें| फिर गलने को सूखा दें|

3. घर से निकलते समय छाने हुए पानी की वॉटरबॅग साथ लें, जिससे कहीं भी बिना छाना पानी पीना न पड़े| Continue reading “पानी के त्रस जीवों की रक्षा करो” »

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पानी के त्रस जीवों को जानें-पहचानें

पानी के त्रस जीवों को जानें पहचानें
पानी स्वयं अप्काय जीवों का शरीर है| यह अप्काय जीव एकेन्द्रिय है तथा अनगल (बिना छाने) पानी में चलते-फिरते सूक्ष्म त्रस जीव भी बहुत होते है| पोरा वगैरेह बेइन्द्रिय जीव पानी में होते हैं| Continue reading “पानी के त्रस जीवों को जानें-पहचानें” »

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उपचार से भली सावधानी

उपचार से भली सावधानी
जीवों की उत्पत्ति होने के बाद उन जीवों की रक्षा करना बहुत मुश्किल हो जाता है| इसलिए घर में जीवों की उत्पत्ति ही न हो इस बात की सावधानी रखना उत्तम कार्य है|

इतनी सावधानी अवश्य रखिए :-

1) घर को सम्पूर्णतया स्वच्छ रखिए – गंदगी से जीवोत्पत्ति विशेष होती है|

2) पानी का उपयोग कम से कम कीजिए, गीलेपन से अधिक मात्रा में जीव पैदा होते हैं|

3) खाद्य पदार्थ जमीन पर न गिरें, अन्न के आकर्षण से अनेक जीव दौडे चले आते हैं| Continue reading “उपचार से भली सावधानी” »

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फफूंदी/फूलन को पहचानो

फफूंदी/फूलन को पहचानो
बासी खाद्य पदार्थ आदि पर सफेद रंग की फुग दिखाई देती है| यह खास करके बारिश में विशेष होती है| मिठाई, खाखरा, पापड, वडी, अन्य खाद्य पदार्थ, दवाई की गोलियॉं, साबुन पर, चमड़े के पाकिट-पट्टे पर, पुस्तक के पुठ्ठे पर तथा अन्य वस्तु पर नमी के कारण रातोरात सफेद फुग जम जाती है| Continue reading “फफूंदी/फूलन को पहचानो” »

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अप्काय की रक्षा करें

अप्काय की रक्षा करें
निम्नलिखित विशेष सावधानियॉं बरतें :-

1. पानी का उपयोग कम से कम कीजिए, उसका घी के समान संभल-संभल कर उपयोग कीजिए|

2. स्नान, कपड़े धोने में, बाथरूम में, शौचालय में भी पानी को छानकर उपयोग में लाएँ|

3. नल को अनावश्यक खुला न छोडें|
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निगोद की रक्षा करें

निगोद की रक्षा करें
1. जो जगह अधिक समय तक गीली रहती हो, वहॉं निगोद की उत्पत्ति होती है| बाथरुम भी यदि सारा दिन गीला रहे तो उसमें भी निगोद की उत्पत्ति होती है| इसलिये घर का कोई भी स्थान अधिक समय तक भीगा न रहे इसकी सावधानी रखें| Continue reading “निगोद की रक्षा करें” »

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अप्काय को पहचानो

अप्काय को पहचानो
कच्चे पानी की प्रत्येक बूंद में असंख्य अप्काय एकेन्द्रिय जीव रहते हैं| इसलिए पानी का फालतू, जरूरत से ज्यादा व निरर्थक उपयोग तो करना ही नहीं चाहिए| Continue reading “अप्काय को पहचानो” »

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