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मेरे प्रान आनन्दघन

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मेरे प्रान आनन्दघन तान आनन्दघन ॥ ए आंकणी॥
मात आनन्दघन, तात आनन्दघन
गात आनन्दघन, जात आनन्दघन


राज आनन्दघन, काज आनन्दघन
साज आनन्दघन, लाज आनन्दघन.


आभ आनन्दघन, गा आनन्दघन
नाभ आनन्दघन, लाभ आनन्दघन.


यह आलेख इस पुस्तक से लिया गया है
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