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	<title>Comments on: Best conduct</title>
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		<title>By: Dilip Parekh</title>
		<link>https://www.tattvagyan.com/jain-stotra/dasavaikalika-sutra/best-conduct/#comment-3896</link>
		<dc:creator>Dilip Parekh</dc:creator>
		<pubDate>Sun, 20 Mar 2016 01:04:34 +0000</pubDate>
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		<description><![CDATA[जो भी उत्तम हो उसको कार्यान्वित करो.


ज्यादातर लोग &#039;सौन्दर्य और संगीत&#039; के गुलाम होजाते है. दिन-रात वे इन्द्रियसुखके बारेमें सोचते है. यही दुन्यवी सुखभोग उनके लिए बहुत महत्त्वपूर्ण बात होती है. और उसमें वे सारा समय लगाते है. जिंदगीका अमूल्य समय इसी रीतिसे बिताना यानि व्यर्थ कर देना. 


जैसे विषेला फल मृत्यु कराता है, वैसे &#039;शोर्ट पीरियड&#039; के भोग दुःख-रोग उत्पन्न करते है, यह वे भूल जाते है. उनका ध्यान भुत-भविष्य की ओर न होते हुए, केवल वर्तमान के उपभोग में ही होता है. इसी कारन सुन्दरता के पीछे छिपा बेडोलपना और मिठाई में छिपी कडवाहट उन्हें नहीं दिखती. 


सज्जन और समजदार अनुभव का लाभ उठाता है. भविष्य अच्छा हो इसीलिए अपने वर्तमानको सुधारता है. स्वयं को अच्छा बनाता है. और जो जो अच्छा और उत्तम है उसको आचरण में लाता है.]]></description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>जो भी उत्तम हो उसको कार्यान्वित करो.</p>
<p>ज्यादातर लोग &#8216;सौन्दर्य और संगीत&#8217; के गुलाम होजाते है. दिन-रात वे इन्द्रियसुखके बारेमें सोचते है. यही दुन्यवी सुखभोग उनके लिए बहुत महत्त्वपूर्ण बात होती है. और उसमें वे सारा समय लगाते है. जिंदगीका अमूल्य समय इसी रीतिसे बिताना यानि व्यर्थ कर देना. </p>
<p>जैसे विषेला फल मृत्यु कराता है, वैसे &#8216;शोर्ट पीरियड&#8217; के भोग दुःख-रोग उत्पन्न करते है, यह वे भूल जाते है. उनका ध्यान भुत-भविष्य की ओर न होते हुए, केवल वर्तमान के उपभोग में ही होता है. इसी कारन सुन्दरता के पीछे छिपा बेडोलपना और मिठाई में छिपी कडवाहट उन्हें नहीं दिखती. </p>
<p>सज्जन और समजदार अनुभव का लाभ उठाता है. भविष्य अच्छा हो इसीलिए अपने वर्तमानको सुधारता है. स्वयं को अच्छा बनाता है. और जो जो अच्छा और उत्तम है उसको आचरण में लाता है.</p>
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		<title>By: Dilip Parekh</title>
		<link>https://www.tattvagyan.com/jain-stotra/dasavaikalika-sutra/best-conduct/#comment-3895</link>
		<dc:creator>Dilip Parekh</dc:creator>
		<pubDate>Sun, 20 Mar 2016 01:03:21 +0000</pubDate>
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		<description><![CDATA[जो भी उत्तम हो उसको कार्यान्वित करो.


ज्यादातर लोग &#039;सौन्दर्य और संगीत&#039; के गुलाम होजाते है. दिन-रात वे इन्द्रियसुखके बारेमें सोचते है. यही दुन्यवी सुखभोग उनके लिए बहुत महत्त्वपूर्ण बात होती है. और उसमें वे सारा समय लगाते है. जिंदगीका अमूल्य समय इसी रीतिसे बिताना यानि व्यर्थ कर देना. 


जैसे विषेला फल मृत्यु कराता है, वैसे &#039;शोर्ट पीरियड&#039; के भोग दुःख-रोग उत्पन्न करते है, यह वे भूल जाते है. उनका ध्यान भुत-भविष्य कीओर न होते हुए, केवल वर्तमान के उपभोग में ही होता है. इसी कारन सुन्दरता के पीछे छिपा बेडोलपना और मिठाई में छिपी कडवाहट उन्हें नहीं दिखती. 


सज्जन और समजदार अनुभव का लाभ उठाता है. भविष्य अच्छा हो इसीलिए अपने वर्तमानको सुधारता है. स्वयं को अच्छा बनाता है. और जो जो अच्छा और उत्तम है उसको आचरण में लाता है.]]></description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>जो भी उत्तम हो उसको कार्यान्वित करो.</p>
<p>ज्यादातर लोग &#8216;सौन्दर्य और संगीत&#8217; के गुलाम होजाते है. दिन-रात वे इन्द्रियसुखके बारेमें सोचते है. यही दुन्यवी सुखभोग उनके लिए बहुत महत्त्वपूर्ण बात होती है. और उसमें वे सारा समय लगाते है. जिंदगीका अमूल्य समय इसी रीतिसे बिताना यानि व्यर्थ कर देना. </p>
<p>जैसे विषेला फल मृत्यु कराता है, वैसे &#8216;शोर्ट पीरियड&#8217; के भोग दुःख-रोग उत्पन्न करते है, यह वे भूल जाते है. उनका ध्यान भुत-भविष्य कीओर न होते हुए, केवल वर्तमान के उपभोग में ही होता है. इसी कारन सुन्दरता के पीछे छिपा बेडोलपना और मिठाई में छिपी कडवाहट उन्हें नहीं दिखती. </p>
<p>सज्जन और समजदार अनुभव का लाभ उठाता है. भविष्य अच्छा हो इसीलिए अपने वर्तमानको सुधारता है. स्वयं को अच्छा बनाता है. और जो जो अच्छा और उत्तम है उसको आचरण में लाता है.</p>
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