1 0 Tag Archives: मुनि आनंदघनजी महाराज
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तेरी हुं तेरी हुं कहुं री

Listen to तेरी हुं तेरी हुं कहुं री

तेरी हुं तेरी हुं कहुं री,
इन बातमें दगो तुं जाने
तो करवत काशी जाय ग्रहुं री.

…तेरी.१

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मूलडो थोडो भाई व्याजडो घणोरे

Listen to मूलडो थोडो भाई व्याजडो घणोरे

रातडी रमीने अहियांथी आविया ॥ए देशी॥
मूलडो थोडो भाई व्याजडो घणोरे,
केम करी दीधोरे जाय?
तलपद पूंजी में आपी सघलीरे,
तोहे व्याज पूरुं नवि थाय

…मूलडो.१

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क्यारे मुने मिलश्ये

Listen to क्यारे मुने मिलश्ये

क्यारे मुने मिलश्ये माहरो संत सनेही?
क्यारे मुने मिलश्ये माहरो संत सनेही?
संत सनेही सुरीजन पाखे राखे न धीरज देही
क्यारे मुने मिलश्ये माहरो संत सनेही?

…क्यारे.१

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अवधू! क्या मागुं गुनहीना

Listen to अवधू! क्या मागुं गुनहीना

अवधू! क्या मागुं गुनहीना?
वे गुनगनन प्रवीना,
अवधू! क्या मागुं गुनहीना?
गाय न जानुं बजाय न जानुं न जानुं सुरभेवा,
रीझ न जानुं रीझाय न जानुं न जानुं पदसेवा.

…क्या.१

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एक मुज विनती निसुणोज़

Listen to एक मुज विनती निसुणोज़

श्री मुनिसुव्रत स्वामी जिन स्तवन

मुनिसुव्रत जिनराय,
एक मुज विनती निसुणोज़
आतमतत्त्व क्युं जाणुं जगद्गुरु,
एह विचार मुज कहीयो;
आतमतत्त्व जाण्या विण निरमल,
चित्तसमाधि नवि लहियो

…कुं.१

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धर्म जिनेसर गाउं रंगशुं

Listen to धर्म जिनेसर गाउं रंगशुं

श्री धर्मनाथ जिन स्तवन

धर्म जिनेसर गाउं रंगशुं,
भंग न पडशो हो प्रीत जिनेश्वर;
दुजो मन मंदिर आणुं नहीं,
ए अम कुळवट रीत.

…जि. ध..१

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अवधू ! आज सुहागन नारी

Listen to अवधू ! आज सुहागन नारी

आज सुहागन नारी अवधू ! आज सुहागन नारी,
मेरे नाथ आप सुध लीनी कीनी निज अंगचारी.

…सुहा.१

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सुविधि जिनेसर पाय नमीने

Listen to सुविधि जिनेसर पाय नमीने

श्री सुविधिनाथ जिन स्तवन
राग : केदारो – ‘‘एम धन्नो धणने परचावे रे…’’ ए देशी

सुविधि जिनेसर पाय नमीने, शुभ करणी एम कीजे रे;
अति घणो ऊलट अंग धरीने, प्रह ऊठी पूजीजे रे.

…सुविधि.१

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निशदिन जोवुं वाटडी

Listen to निशदिन जोवुं वाटडी

निशदिन जोवुं वाटडी घर आवो रे ढोला,
मुज सरिखी तुज लाख हैमेरे तू ही ममोला.

…निशदिन.१

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देखण दे रे, सखी!

Listen to देखण दे रे, सखी!

श्री चंद्रप्रभ जिन स्तवन
राग : केदारो तथा गोडी – ‘‘कुमारी रोवे, आक्रंद करे, मु कोई मुकावे…’’ ए देशी

देखण दे रे, सखी!
मुने देखण दे, चंद्रप्रभ मुखचंद,
उपशमरसनो कंद, सखी.
गत कलि-मल-दु:खदंद..

…सखी.१

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