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आनंद की साधना

आनंद की साधना

आज्ञा तु निर्मलं चित्तं कर्त्तव्यं स्फटिकोपमम्
एक व्यक्ति ने एक अबोध शिशु को घास पर खेलते देखा| वह बहुत आनंदित था| Continue reading “आनंद की साधना” »

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Motivational Wallpaper #22

विचार जब स्वभाव के साथ जुड़ता है
तब वह आचार बन जाता है

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1400×1050 1440×900
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Quote #3

I’m not a body with a soul. I’m soul with a visible part called body.
Unknown
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Motivational Wallpaper #20

गुरु वही है, जो आत्मज्ञान द्वारा मोक्ष-साधन का पाठ पढ़ाता और आचरण कराता है

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श्री शांतिनाथ की चरण पादुकाएँ

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मनडुं हाथन आवे हो, पद्म प्रभ!

Listen to मनडुं हाथन आवे हो, पद्म प्रभ!

श्री पद्मप्रभु जिन स्तवन
राग : मनडुं किम हि न बाजे हो कुंथुजिन…
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हो अविनाशी

Listen to हो अविनाशी

श्री पद्मप्रभु जिन स्तवन
राग : सुण चंदाजी…
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मोह और दुःख

मोह और दुःख

लुप्पंति बहुसो मूढा, संसारम्मि अणंतए

अनन्त संसार में मूढ बहुशः लुप्त (नष्ट) होते हैं

‘मूढ़’ का अर्थ है – मोहग्रस्त| जिनके मन में मोह भरा होता है, वे व्यक्ति इस अनन्त संसार में अनेक प्रकार से दुखी होते है| Continue reading “मोह और दुःख” »

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मैत्री करो

मैत्री करो

मेत्तिं भूएसु कप्पए

प्राणियों से मैत्री करो

क्रोध, मान, माया और लोभ – ये चार कषाय आत्मा को उद्विग्न करते हैं – अशान्त बनाते हैं; इतना ही नहीं, बल्कि जिनके प्रति उनका प्रयोग किया जाता है, उन्हें भी उद्विग्न एवं अशान्त बना देते हैं| अपने कषाय के प्रदर्शन से उद्विग्न बने हुए दूसरे लोग हमारे वैरी बन जाते हैं और हम से वैर करते हैं – बदले में हम भी उनसे वैर करते है और इस प्रकार वैर प्रबल से प्रबलतर होता जाता है| Continue reading “मैत्री करो” »

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समय का सदुपयोग

समय का सदुपयोग

कालेण काले विहरेज्जा
जो क्षण बीत गया है उसकी चिन्ता मत करो और जो समय हाथ में है उसका जागृति पूर्वक सदुपयोग कर लो| Continue reading “समय का सदुपयोग” »

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