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बंभसारे वनमां भमतां

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राग : नवो वेष रचे
भाव : जीवननी अनाथता नो परिचय ने श्रेणीक ने अनाथी मुनिनो सद्बोध

बंभसारे वनमां भमतां,
ऋषी दीठो रयवाडी रमतां;
रुप देखीने मने रीझयो,
भारे करमी पण भदज्यो.

…१

पाणी जोडीने इम पूछे,
संबंध तमारे शुं छे
नरनाथ हुं छुं अनाथ,
नथी कोइ महारे नाथ.

….२

रखे जोडी कहे हाथ,
हुं थाउ तमारो नाथ;
नरनाथ तुं छे अनाथ,
शुं मुजने करे छे सनाथ.

….३

मगधाधिप हुं छुं मोटो,
शुं बोले छे नृप खोटो;
नाथपणुं तुं नवि जाणे,
फ़ोगट शुं आप वखाणे.

….४

वत्स देश कौशंबीनो वासी राजपुत्र हुं छुं विलासी;
एक दिन महा रोगे घेर्यो,
केणे ते पाछो न फेर्यो.

….५

मातपिता मुज बहु महिला,
वहेवरावे आंसुडा वहेला;
वडा वडा वैद्य तेडावे,
पण वेदना कोइ न हठावे.

….६

तेहवुं देखी तव शूल,
धार्यो में धर्म अमूल;
रोग जाये जो आजनी रात,
तो संयम लेउं प्रभात.

….७

इम चिंतवता वेदना नाठी, बाकरी में बांधी काठी;
बीजे दिन संयम भार,
लीधो न लगाडी वार.

….८

अनाथ सनाथनो वहेरो,
तुजने दाख्यो करी चहेरो;
जिनधर्म विना नरनाथ,
नथी कोइ मुगतिनो साथ.

….९

श्रेणीक तिहां समकित पाम्यो,
अनाथीने शिर नाम्यो;
मुगते गयो मुनिराय,
उदय रतन वंदे उवज्झाय.

….१०

यह आलेख इस पुस्तक से लिया गया है
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2 Comments

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  1. Pramod Jain
    सितम्बर 12, 2012 #

    Jai Jinendra.

    Thanks for the effort.

    Can we have the meaning of the Lyrics in the normal hindi or english language. That would be helpful.

    Thanks much.

    • Tattva Gyan
      सितम्बर 12, 2012 #

      Thank you for the comment.
      We are in the process of adding the meaning of the lyrics in Hindi & English language.
      Please subscribe to our blog & we shall notify you when we update this section.

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