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जयणा के उपकरण

जयणा के उपकरण
1) गलना :- पानी छानने हेतु सुयोग्य कपड़ा|

2) सावरणी :- घर का कचरा निकालने के लिए मुलायम स्पर्शवाली सावरणी (झाडु या झाड़नी)|

3) पूंजनी :- खास प्रकार की सुकोमल घास से बनाई हुई मुलायम स्पर्शवाली छोटी पींछी|

4) चरवला :- सामायिक प्रतिक्रमण में उठते-बैठते पूंजना-प्रमार्जना के लिए जरुरी उपकरण|

5) चरवली :- लकड़ी की छोटी दांडी पर चरवला जैसा ऊन की डोरीयों से या ङ्गलीयों से बांधा हुआ यह उपकरण अलमारी आदि साङ्ग करने के लिए जयणा का सुंदर साधन है|

6) मोरपींछी :- मोर के पंखों को बांधकर बनाया हुआ उपकरण पुस्तक, ङ्गोटो वगैरह को पुंजने का उत्तम साधन|

7) छलनी :- अनाज, आटा, मसाला आदि छानने हेतु अलग-अलग छलनी|

8) चंदरवा :- बनती हुई रसोई में ऊपर से जीवजंतु न पड़े, उस हेतु से रसोई घर में उपर बांधने का कपडा घर में कुल ७ जगहों पर बॉंधे|

9) सुपड़ी :- जीव-जन्तु या उनके कलेवर या कचरा इ. जयणापूर्वक इकठ्ठा करके योग्य स्थान पर रख दें| जीव-जन्तु (चींटी, मकोड़े, इ.) हों तो सुरक्षित स्थान पर किसी के कदमों तले मर न जाये ऐसे छोड़ दें|

10) नल की थैली :- पानी को छानकर हर प्रकार के उपयोग में लेने के लिए नल को बॉंधने की कपड़े की थैली|

11) मटका :- छना हुआ पीने का पानी भरने के लिए प्रयुक्त|

12) कपड़े की पींछी :- लकड़ी के डंडे के एक छोर पर कपड़ा बांधकर धूल झपटने के लिये इसका उपयोग किया जाता है| खूब विवेक पूर्वक ऐसे साधनों का उपयोग करना चाहिये| उसकी जगह धूल साङ्ग करने के लिये थोड़े गीले कपड़े का उपयोग भी हो सकता है, उससे पोंछने से धूल उड़ेगी भी नहीं|

13) जाले निकालने का झाडू :- घर के कोनो में, छत के आसपास मकड़ी के जाले आदि आ जाते हैं, उन्हे निकालने के लिये लम्बे डंडे के साथ नरम स्पर्शवाले झाडू का प्रयोग करें| मकड़ी की रक्षा का विवेक रखें|

यह आलेख इस पुस्तक से लिया गया है
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